Sunday, June 29, 2008

क्षणिकाएं

Jun 20, 2008 6:12 PM

मीठे,रसभरे,रसीले
बिक रहे हैं एक दाम
पटना जाकर देखिये
लालू ब्रांड आम...

या

२) दिवाली पर बिके लालू पटाखे,
और होली पर पिचकारी,
लालू ब्रांड आम भी बिके धड़ाधड़
लालू नाम हुआ चमत्कारी...

३) गुस्साये हरिकेन ने
कहा पी सी ए से
तस्वीर हटाने का ब्यौरा दो,
या फ़िर
मेरा कुछ सामान तुम्हारे पास पड़ा है
मेरा वो सामान मुझे लौटा दो....

४) देश भर मे फ़ैली कितनी महंगाई
फ़िर भी हे गणपति
बात समझ न आई
घर में तरसे दूध को बच्चा-बच्चा
फ़िर भी तुमको
भर-भर चम्मच पिलाई....

५) बिक्री करने का कम्पनियों ने
खोज लिया हथियार
इसीलिये तो बच्चों के चैनल पर
आई विज्ञापनो की बहार...

६) न्यूयार्क टाईम्स ने फ़रमाया
गाँधी जैसे मुकेश अम्बानी भाई
क्या गाँधी जी ने भी की होगी
भाई-भाई के बीच लड़ाई...

७) जब बेटे को गुस्सा आयेगा
सीधा पिता का स्कूटर उठायेगा
और कहीं टकरायेगा
लाईसेंस पिता का रद्द हो जायेगा...

सुनीता शानू

1 comment:

समय चक्र said...

bahut sundar kafi dino baad apka blaag aaj ki taja khabar dekha achcha laga . badhaai .