May 1, 2008 12:55 PM
क्षणिकाएं
भज्जी के थप्पड़ से जब
श्रीशान्त के आँसू आये
झुका शर्म से सर हमारा
ऑस्ट्रेलिया खड़ी मुस्कुराये...
नई कार की लॉंचिंग में
अगल-बगल दो मॉडल दी दिखाई
भीड़ में से कोई चिल्लाया
क्या एक के साथ दो फ़्री हैं भाई...
लालू और चिदंबरम ने
ऎसा बजट बनाया
राजकोष को खुल्लम-खुल्ला लुटाया
बढ़्ती महँगाई रोकेगा कौन
बस यही सवाल रह गया गौंण...
नर्सिंग होम के डॉक्टर ने जब
मरीजों के सारे चेक-अप कर डाले
कुछ समझ न आया
और अपना सर खुजलाया
मरीज बोला क्या बहुत बड़ा मर्ज है साहेब
डॉक्टर बोला एसी कोई बात नही
सोच रहा हूँ ऎसा मर्ज
अफ़ोर्ड कर सके तुम्हारी पाकेट...
सुनीता शानू
Friday, June 20, 2008
Subscribe to:
Post Comments (Atom)


No comments:
Post a Comment