Friday, June 20, 2008

क्षणिकाएं


May 12, 2008 3:10 PM


१) लालू इक्नॉमिक्स अब पढेंगे
सिंगापुर के बालक-बाला
रेल मुनाफ़ा पढ़ायेंगें लालू
न पढा़येंगे चारा घोटाला...

२) इतना सस्ता हुआ मोबाईल
कि आदमी की शान हो गया
क्या कबाड़ी,क्या रिक्शा वाला
तिहाड़ के कैदियों की जान हो गया...

३) चाहे जितना हो महाबली
मच जाती है जनता में खलबली
पिट जाये वॉलिवुड के सितारों से
एक करोड में द ग्रेट खली

४)अर्जुन सिंह को पड़ी जब
कांग्रेस की फ़टकार
पकडे कान कहने लगें
तौबा मेरी तौबा यार
निष्ठावान मै रहूँगा सदा
चाहे जो हो जाये
निन्दा के बाणों से देखो
लौट के बुध्दू घर को आये..

सुनीता शानू

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