Monday, June 30, 2008

क्षणिकाएं

(1) फ़ोन-अ-कैब की तरह हुये
चंडीगढ़ मे रिक्शे तैयार,
न होगी पैटोल,डिज़ल की जरूरत
न पडे़गी प्रदूषण की मार....


(2) रातो-रात पैसा कमाने का
जब उपाय समझ मे आया
किसानों ने उगाये वाईन ग्रेप्स,
और अँगूर की बेटी को गले लगाया...

(3) जब बापू बन किसी सिरफ़िरे ने
किया क्लर्क के लिये आवेदन
साबरमति में भी आ पहुँचा
एस बी आई का निवेदन
करमचन्द गाँधी ट्रेनिंग के लिये आयें
क्लर्क की पोस्ट के लिये टैस्ट दे जायें...

(4) न होगी शादी की चिकचिक
न दहेज़ की मार,
सस्ते,सुन्दर,टिकाऊ साथी बनने,
अब रोबॉट हैं तैयार...


(5) राशन,बिजली,तेल चोर
सब पुलिस की सरपरस्ती में
छः साल का बच्चा चोर
फ़ँसा पुलिस की जबर्दस्ती में...

(6) खा-खा कर मुटिया गये
अब एफ़ टी ओ जीन की देते दुहाई
हम न खाते थे इतना
यह बात पी टी आई ने बतलाई...

(7) तम्बोला में जीते पर
फ़ोन कर-कर हुए बेहाल
एनबीटी का नम्बर रहा बिज़ी सदा
और बच्चों का हुआ बुरा हाल...

2 comments:

डॉ .अनुराग said...

होगी शादी की चिकचिक
न दहेज़ की मार,
सस्ते,सुन्दर,टिकाऊ साथी बनने,
अब रोबॉट हैं तैयार...

kya bat kahi hai aapne.....bahut khoob is soch ko...

Internet Existence said...

Swatantrata Divas Par Aap Kya Kar Rahin Hai? Koi Kavita?